Bihar Elections 2025: नीतीश कुमार ने राज्यपाल को दिया इस्तीफा, नई सरकार गठन की प्रक्रिया शुरू

Bihar Elections 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का अंत हो चुका है। दो चरणों में संपन्न इस चुनाव के बाद शुक्रवार को मतगणना भी हो गई और नतीजे सामने आ गए। इस बार एनडीए ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 202 सीटों पर जीत हासिल की है। इसमें बीजेपी 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी है, जबकि जेडीयू दूसरे स्थान पर रही। दूसरी ओर, महागठबंधन मात्र 34 सीटों पर सफल रहा। अब बिहार में नई सरकार गठन को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
नीतीश कुमार ने सौंपा इस्तीफा, कैबिनेट की अंतिम बैठक शुरू
चुनाव परिणाम आने के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राजभवन जाकर राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप चुके हैं। इसके बाद कैबिनेट की अंतिम बैठक शुरू हो गई जिसमें मुख्यमंत्री समेत सभी मंत्री शामिल हैं। जदयू के वरिष्ठ नेता तारकिशोर प्रसाद ने साफ किया कि बीजेपी और जदयू की बैठक के बाद नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री पद संभालेंगे। उन्होंने कहा कि डिप्टी सीएम पद को लेकर कोई विवाद नहीं है और पार्टी नेतृत्व इस पर फैसला लेगा।

राजनीतिक बयानबाज़ी और भविष्य की राजनीति
केंद्र के मंत्री गिरिराज सिंह ने बिहार चुनाव के नतीजों पर वंशवाद की राजनीति को खत्म करने का दावा किया है। वहीं कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने नीतीश कुमार को सलाह दी है कि बीजेपी के साथ रहने की बजाय महागठबंधन के साथ मिलकर पांच साल की स्थिर सरकार बनाएं। वे मानते हैं कि बीजेपी विधायकों को तोड़कर सत्ता पर काबिज हो सकती है, इसलिए गठबंधन ही बेहतर विकल्प होगा।
शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां तेज, बैठकें जारी
जेडीयू सूत्रों के अनुसार बिहार में 20 नवंबर को गांधी मैदान में शपथ ग्रहण समारोह हो सकता है। मंत्रियों की संख्या लगभग बराबर रहेगी जिसमें एलजीपी, मांझी और कुशवाहा की पार्टियों के भी प्रतिनिधि होंगे। अगले दिनों बीजेपी और जेडीयू के विधायक दल की बैठकें भी प्रस्तावित हैं जहां सरकार गठन से जुड़े फैसले लिए जाएंगे।
जनता की उम्मीदें और नेताओं के संदेश
लोक गायिका और भाजपा विधायक मैथिली ठाकुर ने कहा कि अब काम करने का समय है और वे अपने क्षेत्र में जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने का प्रयास करेंगी। वहीं भाजपा नेता जमयांग सेरिंग नामग्याल ने बिहार की जनता को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने कट्टा सरकार और गुंडा राज को दूर भगाकर विकास की राह चुनी है। दूसरी ओर रॉबर्ट वाड्रा ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए दोबारा चुनाव की मांग की है।